सुबह सुबह ही कल की एक घटना सामने आई।ये झारखंड की असली तस्वीर है जो कि मानवता, प्रशासन और व्यवस्था तीनों पर करारा तमाचा है।

सुबह सुबह ही कल की एक घटना सामने आई।
ये झारखंड की असली तस्वीर है जो कि मानवता, प्रशासन और व्यवस्था तीनों पर करारा तमाचा है।

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत बालजोड़ी गांव निवासी गरीब आदिवासी डिम्बा चतोम्बा 4 साल के मासूम बच्चे को इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन लाश ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं करा सका।

आर्थिक रूप से बेहद कमजोर पिता डिम्बा चतोम्बा के पास निजी वाहन किराए पर लेने तक के पैसे नहीं थे। मजबूर होकर उसने बाजार से एक थैला खरीदा, अपने बच्चे की लाश उसमें रखी और बस से गांव तक का सफर तय किया।

#jharkhand Aaj Tak#
     रितेश शरण 

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