झारखंड आजतक न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
स्थानः जयपुर, राजस्थान
जयपुर के नामी स्कूल में दर्दनाक घटना 9 वर्षीय अमायरा ने की आत्महत्या, बुलिंग से थी परेशान, स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
मासूम अमायरा ने स्कूल की चौथी मंज़िल से कूदकर अपनी जान दे दी – और पीछे छोड़ गई एक ऐसी कहानी जो हर माता-पिता और स्कूल प्रशासन को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर रही है।
"मुझे स्कूल नहीं जाना है, प्लीज़ मुझे मत भेजो" अमायरा की आखिरी फरियाद
अमायरा की माँ शिवानी मीणा ने NDTV को बताया कि उनकी बेटी कुछ बच्चों द्वारा बोले गए गंदे शब्दों और बुलिंग से बेहद परेशान थी।
उन्होंने बताया कि एक दिन अमायरा रोते हुए बोली
"मुझे स्कूल नहीं जाना है, प्लीज़ मुझे मत भेजो..."
मां ने यह बातचीत रिकॉर्ड की थी और स्कूल की क्लास टीचर को भेजी थी ताकि वे समझ सकें कि बच्ची किस दौर से गुजर रही है। लेकिन, टीचर की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया।माता-पिता का आरोप - "स्कूल ने शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया"
अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी का कहना है कि पिछले एक साल से वे लगातार स्कूल से शिकायत कर रहे थे कि कुछ बच्चे अमायरा को ताने मारते हैं, उसका मज़ाक उड़ाते हैं।
लेकिन, उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पिता विजय मीणा बताते हैं कि एक PTM (Parents Teachers Meeting) के दौरान कुछ बच्चों ने अमायरा और एक अन्य लड़के की ओर इशारा किया था। वह बताते हैं
"अमायरा शर्म से मेरे पीछे छिप गई थी। उसी वक्त हमने टीचर को बताया, लेकिन उन्होंने बात को हल्के में लिया।"
स्कूल प्रशासन के खिलाफ सवाल
अब यह मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है
क्या स्कूल ने बच्चे की मानसिक सुरक्षा के लिए कदम उठाए?
बुलिंग की शिकायतों को क्यों अनदेखा किया गया?
क्या यह प्रशासनिक लापरवाही एक बच्ची की जान ले गई?पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और मामले में स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों से पूछताछ जारी है। साथ ही, बाल संरक्षण आयोग ने भी इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है।
यह घटना स्कूलों में बढ़ती बुलिंग और मानसिक तनाव की समस्या पर बड़ा सवाल खड़ा करती है क्या हमारे बच्चे सच में सुरक्षित हैं?
रिपोर्ट: M.K झारखंड आजतक न्यूज़