📰 राँची में निजी स्कूलों की फीस पर लगेगी लगाम, जिला स्तरीय समिति का गठन
राँची जिले में अब निजी विद्यालय मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति का गठन किया गया है।
यह कदम झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत देना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।
👉 क्या होगा फायदा?
अब कोई भी निजी स्कूल तय सीमा से अधिक फीस नहीं वसूल सकेगा। अगर कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
👉 समिति में कौन-कौन शामिल?
इस समिति में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जैसे:
उपायुक्त (अध्यक्ष)
जिला शिक्षा पदाधिकारी
जिला शिक्षा अधीक्षक
जिला परिवहन पदाधिकारी
एक चार्टर्ड अकाउंटेंट
दो निजी स्कूलों के प्राचार्य
दो अभिभावक प्रतिनिधि
साथ ही जिले के सांसद और विधायक भी सदस्य होंगे
👉 स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश
हर स्कूल को अपनी फीस तय करने के लिए अलग कमिटी और PTA बनानी होगी
कमिटी की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर दिखानी होगी
स्कूल परिसर में किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामान की बिक्री नहीं होगी
किसी खास दुकान से सामान खरीदने के लिए छात्रों को मजबूर नहीं किया जा सकेगा
स्कूल का उपयोग केवल पढ़ाई के लिए ही होगा
👉 क्या है मकसद?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना, फीस प्रणाली को पारदर्शी बनाना और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करना है।
जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी शिकायत की स्थिति में जिला समिति से संपर्क करें।
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RITESH SHARAN