पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बच्चा चोरी की संदिग्ध घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने आम जनता के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

विशेष समाचार रिपोर्ट: सतर्कता ही सुरक्षा है

​रिपोर्ट: झारखंड आजतक न्यूज़ झारखंड (विभिन्न जिले)
बच्चा चोरी की अफवाहों से बचें और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें

​[रांची/झारखंड]: पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बच्चा चोरी की संदिग्ध घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने आम जनता के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। जहाँ एक ओर अभिभावक डरे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन इन अफवाहों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

​प्रशासन और पुलिस की सख्त चेतावनी
​झारखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में अफवाहें सच्चाई से कोसों दूर हैं। पुलिस ने जनता से निम्नलिखित अपील की है:

​कानून हाथ में न लें: किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या 100/112 पर कॉल करें। भीड़ द्वारा हिंसा (Mob Lynching) एक गंभीर अपराध है।
​सोशल मीडिया पर लगाम: बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या मैसेज को फॉरवर्ड न करें। भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​अभिभावकों के लिए "सुरक्षा कवच" (जरूरी सावधानियाँ)

​अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए इन ५ बातों का विशेष ध्यान रखें:

​निगरानी: बच्चों को सुनसान रास्तों या अनजान जगहों पर अकेले न खेलने दें।

​अजनबियों से दूरी: बच्चों को सिखाएं कि किसी भी अनजान व्यक्ति से खाने की चीज़ न लें और न ही उनके साथ कहीं जाएँ।

​स्कूल अपडेट: स्कूल वैन या बस ड्राइवर का नंबर पास रखें और छुट्टी के समय स्वयं या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को ही भेजें।

​आपातकालीन नंबर: बच्चों को अपना मोबाइल नंबर और घर का पता याद कराएं।

​सजग पड़ोस: घर के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत मोहल्ला समिति या पुलिस को दें।

​ झारखंड आजतक न्यूज़ की अपील
​"अफवाहें डर फैलाती हैं, जागरूकता सुरक्षा लाती है। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित समाज का निर्माण करें और अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखें।"
​“सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य”
Jharkhand aajtak news 
               M.K

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