प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कदमा शाखा की ओर से संगीत गुरुओं के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह में अच्छी संख्या में जमशेदपुर के प्रसिद्ध संगीत से जुड़े

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कदमा शाखा की ओर से संगीत गुरुओं के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह में अच्छी संख्या में जमशेदपुर के प्रसिद्ध संगीत से जुड़े कलाकार एवम गुरु उपस्थित हुए जिसमें श्री रमेश दास जी,देश की प्रख्यात श्रद्धा-दास , रीना भट्टाचार्जी, शांति दास भट्टाचार्जी, सुभेंदु राय चौधरीजी, अर्धेंदु बोसजी, राजेश ठाकुरजी, शैलेंद्रजी, दयानाथजी, रूद्र प्रताप जी, संगीता जी उपस्तिथ थे सभी कलाकारों, गुरुओं को अंगवस्त्र और सौगात देकर सम्मानित किया गया, ब्रह्माकुमारी संजू बहन ने अध्यात्म भक्ति और संगीत के गहरे संबंध के बारे में बताते हुए कहा कि भारत में पुरातन प्राचीन काल से ही महात्माओं ने अपने ईश्वरी अनुभूति और प्रेम को संगीत के माध्यम से ही प्रस्तुत किया है, ब्रह्माकुमारीज में जो राजयोग सिखाई जाती है उसमें भी संगीत का बहुत ही महत्व है कमेंट्री मेडिटेंशन  में हम संगीत द्वारा मन बुद्धि को एकाग्र और ईश्वर से जुड़ने का माध्यम बनाते हैं , जिससे चीत शांत ,आनंदित और ईश्वर से योग लगाने में मदद मिलती है, जो हमे रूहानियत की ओर ले जाती है,जो भावनाओं में प्रेम को जागने तथा वातावरण को शांत बनती है,  संगीत की रचना और स्वरबद्ध करना एक बहुत ही महान कला है और इसकी गरिमा को हमें बनाए रखने की बहुत आवश्यकता है जो आज के समय कुछ लोग अश्लील संगीतो के द्वारा इसकी महानता में दाग लगाने का अशुभ कार्य करते है संगीत भारत भूमि की उच्चतम धरोहर है इस कला की और कलाकारों की महता का सदा सम्मान होना चाहिए, पूरे कार्यक्रम के आयोजन की सफलता में ब्रह्मकुमारी परिवार से जुड़े गोपाल भाई , शैलेंद्र भाई, दिनेश भाई, प्रीति बहन, पुष्पा बहन , सोमा बहन, संगीता बहन का विशेष योगदान रहा।   


झारखंड आज तक
 अमरजीत सिंह
    रिपोर्टर

Post a Comment

Previous Post Next Post