पहले कोई भी कम्पनी को अपने अन्दर ले लेना फिर अपना नियम लाद देना। जैसे जेम्को तार कम्पनी। टिन प्लेट कम्पनी यह उषा मार्टिन कम्पनी को अपना नाम देना फिर ठेकेदार को दिमागी टेनसन देना। लेबर को भी सेफ्टी के द्वारा दिमागी टेनसन देना। इस प्रकार हरासमेंट करना। यहां है टाटा ग्रुप का मकसद। अगर आप टाटा स्टील टिस्को का नियम लाद रहे हैं ठेकेदारों पर परन्तु रेट वहीं पुराना ही दे रहे है अगर आप टिस्को का नियम लगा रहे हैं तो टिस्को का रेट भी दीजिए ठेकेदार को परन्तु वहां नहीं देगा परन्तु नियम कानून टिस्को का होना चाहिए। टिस्को के तरह सेफ्टी अपनायें। सेफ्टी वाले का कहना है। तो टाटा स्टील टिस्को का फसलेटी भी ठेकेदार को दिलवा ऐ । ना की सेफ्टी ही के नाम पर टोचर करे।
झारखंड आज तक की रिपोर्ट