Jharkhand Aajtak | विशेष रिपोर्ट
चींटियों की समझदारी ने वैज्ञानिकों को भी चौंकाया
प्रकृति के सबसे छोटे जीवों में शामिल चींटियाँ अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता के कारण एक बार फिर चर्चा में हैं। भोजन संग्रह करने की उनकी आदत केवल मेहनत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गहरा प्राकृतिक ज्ञान भी छिपा है।
जानकारी के अनुसार, चींटियाँ अनाज और बीजों को ज़मीन में जमा करने से पहले उन्हें तोड़ देती हैं, ताकि वे अंकुरित न हो सकें और उनका भोजन सुरक्षित रहे। सबसे रोचक उदाहरण धनिये के बीज का है। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, धनिये का बीज यदि दो टुकड़ों में काटा जाए, तो भी उससे अंकुर निकल सकता है। लेकिन चींटियाँ इस तथ्य से अनजान होते हुए भी उसे चार हिस्सों में काटती हैं, जिससे उसके उगने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
यह सवाल लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि बिना किसी शिक्षा या प्रशिक्षण के चींटियों को यह सटीक प्राकृतिक ज्ञान कैसे प्राप्त हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकृति द्वारा दिया गया सहज ज्ञान (Instinct) है, जो पीढ़ियों से उनके व्यवहार में विकसित होता रहा है।
चींटियों की यह समझदारी एक बार फिर यह साबित करती है कि प्रकृति स्वयं सबसे बड़ी शिक्षक है और छोटे जीव भी बड़े सबक दे सकते हैं।
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M.K