प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन भेजे जाने के बावजूद कार्रवाई में सहयोग न करने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने सीजेएम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है कि कई बार समन जारी होने के बावजूद हेमंत सोरेन न तो ईडी की जांच में सहयोग कर रहे हैं और न ही रांची स्थित ईडी कार्यालय में पेश हो रहे हैं। इस शिकायत के बाद अब संभावना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सीजेएम कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
ईडी की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री की कानूनी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
इससे पहले मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन को बड़ा झटका देते हुए समन उल्लंघन मामले में दी गई अंतरिम राहत को वापस ले लिया। यह मामला ईडी द्वारा एमपी/एमएलए विशेष अदालत, रांची में दायर की गई शिकायत से जुड़ा है। इस अंतरिम राहत के आधार पर हेमंत सोरेन को अभी तक गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे अब अदालत ने समाप्त कर दिया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार ने अंतरिम राहत बढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और 4 दिसंबर 2024 को दिए गए पुराने आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही कोर्ट ने एमपी-एमएलए विशेष अदालत को केस की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।
निचली अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए पहले ही 28 नवंबर की तारीख निर्धारित की है, जिसमें हेमंत सोरेन को पेश होना अनिवार्य माना जा रहा है।
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