साहित्य में युवा और युवा को मिले मंच इसी उद्देश्य सेअस्तित्व में आया 'निनाद'

साहित्य में युवा और युवा को मिले मंच इसी उद्देश्य से
अस्तित्व में आया 'निनाद'
निनाद की संस्थापक पूनम महानन्द और सह संस्थापक निशांत सिंह हैं।
पूनम और निशांत बताते हैं कि निनाद का अर्थ है गूँज।युवा रचनाकारों को प्रोत्साहन और सकारात्मक निर्देशन ही निनाद का उद्देश्य है।
पूनम कवयित्री, सोशियोप्रेन्योर,मोटिवेशनल स्पीकर ,मंच संचालक और पूर्व रेडियो जॉकी हैं।
निशांत सिंह उभरते हुए कवि हैं जो यांत्रिकी से जुड़े रहने के बाद अब डेटा ऐनेलिस्ट के तौर पर काम कर रहे है।
इसी क्रम में निनाद अपनी पहली कड़ी में लेकर आ रहा है विशेष काव्य-संध्या 'मनस्वर', जहाँ युवा कलमकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और जीवन के विविध पहलुओं को अभिव्यक्त करेंगे।
11 कलमकारों के साथ दो गेस्ट परफॉर्मर में चंद्रमोहन सोरेन उर्फ द डार्क वॉइस की अनोखी बीटबॉक्सिंग और जय कुमार शाही की धमाकेदार हास्य प्रस्तुति भी रहेगी।

यह कार्यक्रम 7 सितम्बर को संध्या 4 बजे, तुलसी भवन, बिस्टुपुर में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक कुणाल सारंगी,विशिष्ट अतिथि के रूप में तुलसी भवन के मानद महासचिव प्रसेनजित तिवारी, साहित्यकार दिव्येन्दु त्रिपाठी और आरजे मनोज की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
यह आयोजन न केवल कविता प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय होगा बल्कि युवा रचनात्मकता को नई दिशा देने वाला मंच भी सिद्ध होगा।

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