झामुमो विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ताओं का बैठक में शामिल हुए भावी विधायक सोमेश सोरेन जी

*झामुमो विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ताओं का बैठक में शामिल हुए भावी विधायक सोमेश सोरेन जी।*

घाटशिला/ झारखंड मुक्ति मोर्चा की घाटशिला विधानसभा स्तरीय बैठक माझी परगाना माहाल भवन में 2 सितंबर दिन मंगलवार को विधानसभा प्रभारी श्री जगदीश भकत के नेतृत्व में आयोजित हुई।
इस बैठक में स्व. रामदास सोरेन जी के पुत्र श्री सोमेश चंद्र सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूरे जोश और ऊर्जा से भरपूर इस सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्व. रामदास सोरेन जी के अधूरे कार्यों को उनके पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन पूरा करेंगे और घाटशिला के विकास की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएंगे।
सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं में झामुमो नेता सत्यजीत कुंडू, भरत मुर्मू, संजीवन पातर, कान्हु टुडू, गौरांग माहली, चेतन मुर्मू, विक्रम टुडू, सुखलाल हांसदा, वकील हेंब्रम, रतन महतो, बेलबूटी मुर्मू, फुलमनी टुडू, सोमाय टुडू,शैलेन्द्र बास्के, राम कर्मकार, घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, धालभुमगढ़ प्रखंड अध्यक्ष  अर्जुन चंद्र हांसदा, मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, गुड़ाबांधा प्रखंड अध्यक्ष सुराई टुडू घाटशिला प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू, युवा मोर्चा पूर्व उपाध्यक्ष विक्टर सोरेन, लालटू महतो, रामदास हांसदा, झामुमो नेता कान्हु सामंत जिला संयोजक प्रमुख बागराय मार्डी समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
सभा को संबोधित करते हुए श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भावुक स्वर में कहा –
“झारखंड आंदोलन में मेरे बाबा स्व. रामदास सोरेन जी का जीवन पूरी तरह झारखंड और झारखंडियों के नाम समर्पित रहा। आज उनके असमय निधन के बाद मुझे उनके दिखाए रास्ते पर चलने और उनके सपनों को साकार करने का अवसर मिला है। सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सहयोग से मैं घाटशिला के विकास व जनहित की दिशा में वही संकल्प लेकर काम करूंगा।”
बैठक में चार प्रखंडों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, जिला संयोजक बागराय मार्डी, केंद्रीय सदस्य कान्हु सामंत, वरिष्ठ नेता व झारखंड आंदोलनकारी रामदास हांसदा, वरिष्ठ नेता हरीश भकत महिला मोर्चा की सुशीला टुडू, महिला नेत्री गीता माहली महिला नेत्री छाया रानी भकत, पूर्व जिला परिषद सदस्य बेलोबोती मुर्मू, महिला नेत्री मरिया दास धालभूमगढ़ महिला अध्यक्ष फुलमनी टुडू, काजल डॉन समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।
यह बैठक केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि स्व. रामदास सोरेन जी के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने की शपथ सभा साबित हुई।

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