अमेरिका के 'भारत मुक्त विश्व' बनाने की मुहिम का एक चाल है 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा*

*अमेरिका के  'भारत मुक्त विश्व' बनाने की मुहिम का एक चाल है 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा* 

तेजी से उभरते भारत व 1971 में भारत - पाक युद्ध में भारत की सफलता से परेशान अमेरिका ने भारत मुक्त विश्व बनाने की मुहिम छेड़ी । इसके तहत अमेरिका ने भारत को बाहर व देश के भीतर कमजोर करने की योजना बनाई।  तत्कालीन राष्ट्रपति *निक्सन* ने अपने सुरक्षा सलाहकार *हेनरी किसिंजर* को चीन भेजकर युद्ध में पाकिस्तान का साथ देने का दवाब बनाया , बाद में जार्डन व सउदी अरब से पाकिस्तान को आर्थिक व युद्ध सामग्री से मजबूत बनाया । इससे भी तत्कालीन भारत सरकार (इंदिरा जी की सरकार) कमजोर नहीं हुई तो भारत के अंदर कांग्रेस को कमजोर करने की चाल चली । कांग्रेस के विरोधियों को आर्थिक सहायता देना , अमेरिका बुलाकर विभिन्न प्रकार से विरोध की ट्रेनिंग देना व 'कांग्रेस मुक्त भारत' की परिकल्पना तैयार करना इत्यादि अभियान चलाए गए।  इस प्रकार भारत को कमजोर करने के लिए अमेरिका ने बड़ी चालाकी से कुछ कमजोर व लालची गद्दारों की फौज भारत में खड़ी कर दी जो लगातार भारत को कमजोर करने के विभिन्न हथकंडे अपनाते रहे। इनमें प्रमुख हैं , दंगे कराना , विभिन्न समुदायों में नफरत फैलाना , प्रमुख नेताओं की हत्या कराना आदि । इन सभी आतप को झेलते हुए भी अपनी मजबूत इच्छा शक्ति व राष्ट्र प्रेम के मजबूत जड़ों के कारण भारत विश्व में मजबूती से टिका रहा व आगे बढता रहा । पर पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका का दुष्चक्र सफल होता प्रतीत हो रहा है । भारत को  छद्म दोस्ती के चाल में फंसाकर भारत के मजबूत जड़ों पर तेजी से वार किया जा रहा है । USAID के द्वारा चुनाव को प्रभावित करना , मिडिया का पूंजीपतियों के हाथों में चले जाना, संसदीय व्यवस्था को निष्क्रिय करना, पुराने व अप्रचलित युद्ध संसाधनों का भारत को बेचा जाना , पड़ोसी देशों से भारत का संबंध खराब किया जाना व इस सबके विरूद्ध आवाज ना उठे इसलिए 'कांग्रेस मुक्त भारत' का विषवमन करवाना इसके प्रमाण है । वर्तमान सरकार इस दलदल में फंसती चली गई और अमेरिका अपने चाल में कामयाब होता गया। आज अमेरिका भारत के मान मर्दन के लंबे अभियान की सफलता पर जश्न मना रहा है जैसे भारत को विश्व में अलग थलग करवाना , टैरिफ बढाकर आर्थिक रूप से कमजोर करना , कठोर वीसा नियम लगाकर भारतीयों के अवसर खत्म करना , भारतीयों को अमानवीयता से निर्वासित करना व भारत सरकार को बार बार अपमानित करना ।
वास्तव में जब कोई 'कांग्रेस मुक्त भारत ' का नारा बुलंद करता है तो वो अमेरिका के 'भारत मुक्त विश्व '  के अभियान को मजबूत करता है ।अतःअब समय आ गया है कि हम अमेरिका के इस चाल से जन जन को रूबरू कराएं और भारत को इस दलदल से बाहर लाने का प्रयास करें ।
आज भारत को फिर से एक मजबूत इच्छाशक्ति , दृढ़संकल्पित व निर्भीक नेतृत्व की आवश्यकता आन पड़ी है जो भारत को अमेरिकी दुष्चक्र के दलदल से बाहर निकालकर पुनः भारत को विश्वपटल पर मजबूती से स्थापित कर सके ।  
जय हिंद,  जय भारत 
                                 .... सतीश


REPORT =M.K

Post a Comment

Previous Post Next Post