*42 किलोमीटर की फुल मैराथन में योग करके गोल्ड मेडल जीता*
बात उन दिनों की है जब मेरे पति MCPO GI पोहप सिंह नेवी में
INS शिवाजी में कार्यरत थे
उन दिनों मेरी 42.159 किलोमीटर
स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुंबई मैराथन की प्रैक्टिस चल रही थी
मैने हॉस्पिटल में जाकर डॉक्टर को दिखाया डॉक्टर ने कहा कि यदि आपने अब 1 किलोमीटर भी रनिंग की तो आपके घुटने टूट जाएंगे आप जिंदगी भर पैरों से चल नहीं पाएंगी
इसलिए रनिंग करना छोड़ दो
दिल बहुत दुखी हो गया
फुल मैराथन के गोल्ड मेडल को लेकर
जो लोग मुझे रोज नीकैप पहनकर दौड़ते हुए देखते थे उन्हें, मेरे पति व एडमिरल विनीत बख्शी साहब को मुझसे बहुत उम्मीदें थी क्योंकि यह फुल मैराथन वेटरन कैटेगरी में भारत में आने वाला पहला गोल्ड मेडल था जिसे जितने की तैयारी में कर रही थी
एक तरफ फुल मैराथन जीतने की जिद थी और दूसरी तरफ घुटना दर्द की परेशानी मेरे सामने थी
मगर मैंने हिम्मत नहीं हारी मैं रोज प्रैक्टिस करती और उसके बाद
भारतीय योग संस्थान की योग क्लास में जाकर पैरों की स्ट्रेचिंग करती
सूक्ष्म क्रियाएं व कपालभांति करती
जिससे मेरे घुटनों का दर्द कम होता चला गया योग करने की वजह से ही मैंने 2007 में 45 देशों के बीच गोल्ड मेडल लिया
आश्चर्य की बात यह रही कि जिस डॉक्टर ने मुझे बोला था कि मैने एक किलोमीटर भी रनिंग की तो मेरा घुटना टूट कर गिर जाएगा उस डॉक्टर ने सबसे पहले मुझे बधाई पत्र भेजा
योग से मेरा घुटना ही ठीक नहीं हुआ बल्कि मेरे अंदर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ जिससे मैने आगे भी बहुत से खेलों में भाग लिया और उन में प्रथम आई
अभी मैं भारतीय योग संस्थान में भिवाड़ी की जिला प्रधान व प्रांतीय सदस्य हूं मैं खुद भी योग करती हूं और दूसरों को भी योग करा कर स्वस्थ करने की पूरी कोशिश करती हूं
हमारी भारतीय योग संस्थान की भिवाड़ी में टोटल 22 निःशुल्क योग क्लास चल रही है
"जियो और जीवन दो"
शीला चौहान
जिला प्रधान भिवाड़ी राजस्थान