शंभू नाथ चौधरी
और
पप्पू सिंह
जनविरोधी कार्रवाई का कड़ा विरोध
जमशेदपुर के पारडीह, इंदिरा कॉलोनी, कुंरुम बस्ती, चंद्रावती नगर, दलमा बेस कॉलोनी, रिपिट कॉलोनी, एमजीएम एरिया, गोकुल नगर, बालिगुमा और सुकुना बस्ती के निवासियों पर आज एक भयावह संकट मँडरा रहा है। 2012 में इन इलाकों को इको सेंसिटिव ज़ोन घोषित किया गया था, और अब, जब चुनाव सिर पर हैं, प्रशासन और सरकार ने इन क्षेत्रों के मासूम निवासियों को उनके घरों से बेदखल करने और उनकी जीवन भर की कमाई को नष्ट करने की साजिश रची है। यह कृत्य केवल एक राजनीतिक चाल है, जिसका मकसद आगामी चुनावों से पहले जनता को भयभीत करना और उनके जीवन को अस्थिर करना है।
शंभू नाथ चौधरी और पप्पू सिंह यह सवाल उठाते हैं कि जब इन क्षेत्रों में घर बन रहे थे और उनके पंजीकरण किए जा रहे थे, तब प्रशासन और सरकार कहाँ थे? क्यों नहीं उस समय इन घरों के निर्माण पर रोक लगाई गई? अब, जब लोग यहाँ सदियों से बस गए हैं और अपने जीवन की पूंजी को इन घरों में निवेश कर चुके हैं, तो उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह सीधे-सीधे जनता के अधिकारों का हनन है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शंभू नाथ चौधरी और पप्पू इस जनविरोधी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और प्रशासन के इस रवैये को शर्मनाक करार देते हैं। वे यह साफ़ कर देना चाहते हैं कि वे इन गरीब और मेहनतकश निवासियों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ेंगे। वे अपने पूरे सामर्थ्य के साथ इस अन्यायपूर्ण कदम का विरोध करेंगे और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
शंभू नाथ चौधरी और पप्पू सिंह का यह भी मानना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले लोगों को डराना और उनका मनोबल तोड़ना है। इस कार्रवाई के पीछे की साजिश को बेनकाब करना अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय मंत्री श्री बन्ना गुप्ता को भी इस मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। शंभू नाथ चौधरी उनसे सीधे तौर पर पूछना चाहते हैं कि हजारों लोगों के जीवन पर संकट डालने वाले इस कदम पर उनका क्या रुख है? क्या वे इस अमानवीय और जनविरोधी कार्रवाई का समर्थन करते हैं, या फिर वे जनता के साथ खड़े होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे?
शंभू नाथ चौधरी यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वे इस संघर्ष में जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी नागरिक बेघर न हो और उनके अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन और सरकार को जनता के जीवन से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह चुनावी राजनीति का सबसे घिनौना चेहरा है, और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शंभू नाथ चौधरीऔर पप्पू सिंह ने यह भी घोषणा की है कि वे इस मुद्दे को लेकर हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे, चाहे वह कानूनी हो, राजनीतिक हो, या सामाजिक हो। वे इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि जनता को उनका हक मिले।
"यह हमारा संघर्ष है, और हम इसे अंतिम सांस तक लड़ेंगे," शंभू नाथ चौधरीऔर पप्पू सिंह ने जोर देकर कहा। "मैं इन निवासियों के साथ हूं, और मैं इस अन्याय के खिलाफ उनकी आवाज बनूंगा।"
झारखंड आज तक
रुपेश शर्मा
मुख्य संपादक