समस्या नहीं समाधान पर चर्चा होनी चाहिए: डॉ कविता परमार*

*समस्या नहीं समाधान पर चर्चा होनी चाहिए: डॉ कविता परमार* 
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना दिवस के अवसर पर प्रगति सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बिरसानगर में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मुख्य अतिथि सा वक्त डॉक्टर कविता परमार ने शिक्षा संस्कृति उत्थान में उसके 20 साल के सफर के बारे में विस्तृत ढंग से चर्चा की। उन्होंने बताया कि देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलो समस्या नहीं समाधान पर चर्चा होनी चाहिए तथा मां मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है इन तीन दे वाक्य को लेकर के शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा के क्षेत्र की विसंगतियों को दूर करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को पूरा स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वागत भाषण संकुल संयोजक अरविंद कुमार सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के अध्यक्ष भोला मंडल ने दिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य ने किया। 
डॉ कविता परमार ने बताया कि चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास से संबंधित जानकारी सभी तक पहुंचाना  हम लोगों का उद्देश्य है उद्देश्य है। 
इस कड़ी में जमशेदपुर के विभिन्न विद्यालयों में चरित्र निर्माण में व्यक्तित्व का विकास से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
विद्यालय की शिक्षिका रेनू दीदी की प्रमुखता में सभी आचार्य एवं दीदी जी के सहयोग से कार्यक्रम सफल हुआ।


झारखंड आज तक 
    रुपेश शर्मा 
 मुख्य सम्पादक 

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