प्लास्टिक की थैलियो पर निर्भरता कम करके टिकाऊ विकल्प को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं: कविता परमार*

*प्लास्टिक की थैलियो पर निर्भरता कम करके टिकाऊ विकल्प को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं: कविता परमार* 

पर्यावरण संरक्षण गतिविधि झारखंड प्रांत तथा नेचर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस सिदगोड़ा में मनाया गया।
दुनियाभर में 3 जुलाई का दिन International Plastic Bag Free Day के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद प्लास्टिक बैग की उपयोगिता को कम करना और इसके सुरक्षित विकल्पों के बारे में लोगों को बताना है। प्लास्टिक से पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचता ही है साथ ही यह हमारी सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक होता है।
इस विशेष दिन का उद्देश्य हमारे पर्यावरण पर प्लास्टिक बैग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
प्लास्टिक के इस्तेमाल से मनुष्य, जीव जंतु को नुकसान के साथ साथ  भूमि और जल प्रदूषण होता है।
इसी कड़ी में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि नारी शक्ति प्रांत प्रमुख बागबेड़ा जिला पार्षद, नेचर संस्था की संरक्षक डॉ कविता परमार के नेतृत्व में सिदगोड़ा बाजार में कपड़े का थैला वितरित किया गया। कपड़े का थैला घर में महिलाओं द्वारा तैयार किया गया था। कपड़े का reuse और प्लास्टिक थैले को इस्तेमाल नहीं करने का संदेश महिलाओं की टोली द्वारा दिया गया। हजारों लोगों के बीच झोला वितरित किया गया। डॉ परमार ने बताया कि
अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस  प्लास्टिक की थैलियों पर अपनी निर्भरता कम करके और टिकाऊ विकल्पों को अपनाकर, हम भविष्य की पीढ़ियों के लिए अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं।
 कार्यक्रम के आयोजन में महिलाओं की टोली में मनोरमा , नीता ,इंदु ,बबिता ,पुनिता , रेखा ,संध्या ,सुनैना , रीतु, संजू,अमिता,शिवानी,स्वेता,सीमा, सरिता, मीरा का
 सक्रिय योगदान रहा।


   झारखंड आज तक 
        रुपेश शर्मा 
     मुख्य सम्पादक 

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