झारखंड में कानून व्यवस्था को तिलांजलि दे दी गई है। बांग्लादेशी घुसपैठिये खुलेआम आदिवासियों को पीट रहे हैं लेकिन सरकार कान में तेल डालकर सो रही है।
हेमंत सोरेन और ममता बनर्जी इन्हें पोषित करेंगे क्योंकि कमसेकम इनका चुनाव में इस्तेमाल कर पक्का वोट मिलेगा और इनकी सरकार कायम रहेगी।
इसके अलावा दामाद गांव बसेंगे जब आदिवासी समुदाय की महिला इन बांग्लादशी और रोहिंग्या से ब्याह कर लेंगी।
सनातनी का क्या है वोह हमेशा से कई कारणो से विभक्त रहें हैं।
500 साल का परिश्रम कर राम मंदिर बनाने के बाद भी आप जात पात पर आधारित व्यवस्था से उठ धर्म रक्षा से अबोध हैं, गांधारी से सिख ले कर स्वयं पट्टी बांध लिया है
झारखंड आज तक
अमरजीत सिंह
रिपोर्टर