कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता का भी सम्मान किया गया। सभी इकाई के अध्यक्ष को सम्मानित किया गया। संघ के संरक्षक को भी सम्मानित किया गया। केंद्रीय इकाई के पदाधिकारी तथा युवा केंद्रीय इकाई के पदाधिकारी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला केंद्रीय इकाई तथा सभी इकाई की अध्यक्ष का योगदान रहा

झारखंड क्षत्रिय महिला संघ द्वारा आज माइकल जॉन ऑडिटोरियम बिष्टुपुर में झारखण्ड  क्षत्रिय प्रतिभा सम्मान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ है जमशेदपुर के सांसद विद्युत महतो और  विधायक श्री सरयू राय,  एस डी ओ पारुल सिंह ,पूर्व डी आई जी राजीव रंजन सिंह संस्था के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह तथा संघ के अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह महिला संघ के अध्यक्ष डॉ कविता परमार तथा मंजू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महाराणा प्रताप और कुंवर सिंह तथा भारत माता के ऊपर पुष्प अर्पित कर  कार्यक्रम का आरंभ किया गया। स्वागत भाषण झारखंड क्षत्रिय के अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह जी ने दिया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश संघ के अध्यक्ष डॉ कविता प्रमाण ने 14 से लगातार करते हुए यह बताया कि 2014 से लगातार यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता आ रहा है और उम्मीद है अगले साल से यह कार्यक्रम सम्मानित बच्चों के सौजन्य से ही संपन्न होगा। जिसकी जिम्मेवारी  उन्होंने आज भानु प्रताप सिंह और स्वराज सिंह को अलुमुनाई के स्वरूप को बनाने के लिए ब जिम्मेवारी दी। सांसद विद्युत वरण महतो ने  क्षत्रिय समाज के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की आयोजन से समाज के दूसरे बच्चों को भी प्रेरणा मिलता है। मुख्य वक्ता सरयू राय जी ने ब बच्चों की इस उपलब्धि को अपने जीवन में आगे तक बढ़ाने के लिए अपील की। एसडीओ पारुल सिंह ने अपने जीवन के  घटनाओं को बताते हुए बच्चों को जो जीता वही सिकंदर वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए हर एक जगह पर सर्वोत्तम स्थान हासिल करने की प्रेरणा दी। इसके अलावा कार्यक्रम को पूर्व डीआईजी राजीव रंजन सिंह संरक्षक शिव शंकर सिंह चंद्रगुप्त सिंह नंदकुमार सिंह नेवी संबोधित किया कार्यक्रम का संचालन महासचिव मंजू सिंह ने किया। कितने बच्चों को किया इस प्रतिभा सम्मान समारोह में क्षत्रिय समाज के 100 से अधिक बच्चों को सम्मानित और पुरष्कृत किया गया जिसमें दसवीं और बारहवीं के पचासी परसेंट से अधिक नंबर लाने वाले बच्चे तथा विशेष परीक्षाओं में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को भी सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।


झारखंड आज तक 
   रितेश प्रसाद 
     रिपोर्टर 

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