2009 , तत्कालीन,एसडीओ जमशेदपुर ,देवेंद्र भूषण मात्र इसलिए टाटा मोटर्स Convoy विभाग में छापा मारा गाड़ियों का बुकिंग गलत तरीके से हो रहा था एवं गलत लोग गाड़ियों को लेकर जा रहे थे,
छापे के दौरान टीटीसीए के क्लर्क कमल तिवारी एवं केदार प्रजापति पकड़े गए एवं ऑफिसर महेश शरण भाग गए,,सभी पर मुकदमा हुआ, महेश सारण बाह से बेल करवाएं एवं दोनों क्लर्क 3 महीना जेल में रहने के बाद बेल हुआ 3 साल मुकदमा चला! विषय कितना गंभीर था?
1 मार्च 2024, कंवाई चालकों के जिन मांग को लेकर 40 दिनों से टाटा मोटर के गेट पर धरना चल रहा है- न्यूनतम मजदूरी, सालाना बोनस, गाड़ियों को ले जाने के क्रम में ड्राइवर का इंश्योरेंस जो ,सरकार द्वारा अनिवार्य है, नहीं देना कानून गंभीर अपराध है, नहीं देने वाले पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए जैसे 2009 में हुआ था? जांच के साथ कार्रवाई भी हो सकती है कभी भी , तभी शाम को 4:00 बजे दोबारा बैठक रखा गया था जहां परबंधन नदारत थी।
दिनांक 09/04/24 एसडीओ महोदय जमशेदपुर द्वारा बुलाई गई बैठक में टाटा मोटर्स , ज्ञान सागर प्रसाद एवं डीएलसी को बुलाया गया था जहां अवैध रूप से अवैध लोग साथ में टीटीसीए के वकील एवं टाटा मोटर्स IDS के अधिकारी घुस कर बैठ अपनी बातों को रख एसडीओ को भ्रमित ही नहीं किया SDO कार्यालय का अपमान भी कर दिया, जिस पर जिला प्रशासन को गंभीर कदम उठाना चाहिए।
बैठक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं गंभीर विषय पर माननीय डीसी महोदय के निर्देश पर रखी गई थी , सारे खेल के पीछे टाटा मोटर रहा जो पूर्व में भी किया है।i
40 दिनों से चल रहा इस गर्मी में टाटा मोटर्स जमशेदपुर के महत्वपूर्ण गेट पर दिन-रात धरना जारी रहना जिला प्रशासन एवं टाटा घराने के लिए गंभीर विषय है ,संगठन उम्मीद करता है जल्द से जल्द प्रशासन न्यायोचित कदम उठाएगी।
ज्ञान सागर प्रसाद, मजदूर प्रतिनिधि, टाटा मोटर्स,
जमशेदपुर- झारखंड- 10/04/24
झारखंड आज तक
शेखर राव
रिपोर्टर