आज दिनांक 16 अप्रैल 2024 स्थान भिवाड़ी अशोक विहार फूलबाग घटाल स्थित झुग्गी – झोपड़िया में जरूर मंद बच्चों के बीच में कृधारा फाउंडेशन के द्वारा सम्राट अशोक की जयंती मनाई गई, नरेंद्र कुमार ने बताया कि विश्वप्रसिद्ध

आज दिनांक 16 अप्रैल 2024 स्थान भिवाड़ी अशोक विहार फूलबाग  घटाल स्थित झुग्गी – झोपड़िया में जरूर मंद बच्चों के बीच में कृधारा फाउंडेशन के द्वारा सम्राट अशोक की जयंती मनाई गई,  नरेंद्र कुमार ने बताया कि विश्वप्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे। राजा अशोक को 'चक्रवर्ती सम्राट अशोक' के नाम से भी जाना जाता था, जिसका अर्थ है 'सम्राटों के सम्राट', और यह स्थान भारत में केवल सम्राट अशोक को मिला है।  सम्राट अशोक अपने पूरे जीवन में एक भी युद्ध नहीं हारे। सम्राट अशोक के ही समय में 23 विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई जिसमें तक्षशिला, नालन्दा, विक्रमशिला, कन्धार आदि विश्वविद्यालय प्रमुख थे। अपने काल में जो अशोक चिन्ह निर्मित किया था। उसका स्थान आज भी भारत के राष्ट्रीय चिन्ह है।
बौद्ध धर्म में भगवान बुद्ध के बाद सर्वाधिक स्थान राजा अशोक और उनके कार्य को दिया जाता है।न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उनका मजबूत नैतिक मार्गदर्शन उनके कार्यों का मार्गदर्शन करता है , जो उन्हें वास्तव में एक वीर चरित्र बनाता है।
वहां पर उपस्थित सभी बच्चों एवं सम्मानित गण को यह बताया कि हमें सम्राट अशोक के जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि हमारी स्थिति अच्छी भी नहीं है तो भी हम आगे बढ़ सकते हैं हम अपनी लगन मेहनत और अपने हौसले को बरकरार रख जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में कृधारा फाउंडेशन ने वहां पर उपस्थित सभी सम्मानित जनों एवं बच्चों को खाना खिलाकर कार्य का समापन किया । धन्यवाद।

   झारखंड आज तक
        मुकेश कुमार
           रिपोर्टर

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